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Wednesday, November 9, 2011

आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

उपयोगकर्ता की गिनती के आधार पर आपरेटिंग सिस्टम को दो भागो मे विभाजित किया गया है

1)एकल उपयोगकर्ता
एकल उपयोगकर्ता आपरेटिंग सिस्टम वह आपरेटिंग सिस्टम है जिसमे एक समय मे केवल एक उपयोगकर्ता काम कर सकता है ।

2)बहुल उपयोगकर्ता
वह आपरेटिंग सिस्टम जिसमे एक से अधिक उपयोगकर्ता एक ही समय मे काम कर सकते कर सकते है

काम करने के मोड के आधार पर भी इसे दो भागो मे विभाजित किया गया है ।

1)कैरेक्टर यूजर इंटरफेस
जब उपयोगकर्ता सिस्टम के साथ कैरेक्टर के द्वारा सूचना देता है तो इस आपरेटिंग सिस्टम को कैरेक्टर यूजर इंटरफेस कहते है
उदाहरण डॉस, यूनिक्स

2)ग्राफिकल यूजर इंटरफेस
जब उपयोग कर्ता कम्पयुटर से चित्रो के द्वारा सूचना का आदान प्रदान करता है तो इसे ग्राफिकल यूजर इंटरफेस कहा जाता है ।


आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार ( Types of windows )

वैसे तो विभिन्न कालों में विभिन्न आपरेटिंग सिस्टमों का निर्माण हुआ पर प्रमुख रूप से प्रयोग किये जाने वाले लोकप्रिय आपरेटिंग सिस्टम की सूची नीचे दी जा रही है:


<!--[if !supportLists]-->01 <!--[endif]-->लिनक्स (Linux)


<!--[if !supportLists]-->02 <!--[endif]-->मैक एस (MacOS)


<!--[if !supportLists]-->03 <!--[endif]-->एमएस डाज (MS-DOS)


<!--[if !supportLists]-->04 <!--[endif]-->आईबीएम ओएश/2 (IBM OS/2)


<!--[if !supportLists]-->05 <!--[endif]-->यूनिक्स (Unix)


<!--[if !supportLists]-->06 <!--[endif]-->विन्डोज सीई (Windows CE)


<!--[if !supportLists]-->07 <!--[endif]-->विन्डोज 3.x (Windows 3.x)


<!--[if !supportLists]-->08 <!--[endif]-->विन्डोज 95 (Windows 95)


<!--[if !supportLists]-->09 <!--[endif]-->विन्डोज 98 (Windows 98)


<!--[if !supportLists]-->10 <!--[endif]-->विन्डोज 98 एस ई (Windows 98 SE)


<!--[if !supportLists]-->11 <!--[endif]-->विन्डोज एमई (Windows ME)


<!--[if !supportLists]-->12 <!--[endif]-->विन्डोज एनटी (Windows NT)


<!--[if !supportLists]-->13 <!--[endif]-->विन्डोज 2000 (Windows 2000)


<!--[if !supportLists]-->14 <!--[endif]-->विन्डोज एक्सपी (Windows XP)


<!--[if !supportLists]-->15 <!--[endif]-->विन्डोज व्हिस्टा (Windows Vista)

आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है

आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है What is Operating System



किसी कम्प्यूटर (Computer) को चलाने में आपरेटिंग सिस्टम (Operating System) की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। दरअसल यह हमारे तथा कम्प्यूटर के बीच एक माध्यम का कार्य करता है। कम्प्यूटर हमारी भाषा नहीं समझता, वह केवल मशीनी भाषा को ही समझता है जबकि हम कम्प्यूटर की भाषा को नहीं जानते। फिर हमारे और कम्प्यूटर के बीच सम्बंध को बनाये रखने वाला दुभाषिया कौन है? - यही अपना आपरेटिंग सिस्टम (Operating System)। यह हमारी भाषा को समझ कर उसे कम्प्यूटर की भाषा में बताता है और कम्प्यूटर की भाषा को हमारी भाषा में परिवर्तित कर के हमें समझाता है।
वैसे तो कोई भी व्यक्ति यह जाने बिना कि आपरेटिंग सिस्टम क्या है, कैसे कार्य करता है, इसकी उपयोगिता क्या है बड़ी आसानी के साथ कम्प्यूटर का प्रयोग कर सकता है किन्तु उसके लिये यह और भी अच्छी बात होगी कि वह इस बातों को जान ले।
आपरेटिंग सिस्टम क्या है


यह कहा जा सकता है कि कम्प्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर रिसोर्सेस (Hardware Resources), जैसे- मेमोरी (Memory), प्रोसेसर (Processor) तथा इनपुट-आउटपुट डिवाइसेस (Input-Output Divices) को व्यवस्थित करने के लिये बनाया गया सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) ही आपरेटिंग सिस्टम (Operating System) होता है। यह व्यवस्थित रूप से जमे हुए सॉफ्टवेयर्स का समूह होता है जो कि आंकडो (data) एवं निर्देश (commands) को नियंत्रित करता है। कम्प्यूटर के प्रत्येक रिसोर्स की स्थिति का लेखा - जोखा आपरेटिंग सिस्टम ही रखता है, आपरेटिंग सिस्टम ही निर्णय करता है कि किसका, कब और कितनी देर के लिए कम्प्यूटर रिसोर्स पर नियंत्रण होगा।


आपरेटिंग सिस्टम क्यों आवश्यक है


जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि आपरेटिंग सिस्टम हमारे तथा कम्प्यूटर के बीच एक माध्यम का कार्य करता है। इसके अलावा यह हार्डवेयर्स (Hardwares) तथा सॉफ्टवेयर्स (Softwares) के मध्य एक सेतु का कार्य भी करता है। आपरेटिंग सिस्टम के बिना कम्पयूटर का अपने आप मे कोई अस्तित्व ही नही है। यदि आपरेटिंग सिस्टम न हो तो कम्प्यूटर अपने हार्डवेयर्स जैसे कि कुंजीपटल (Keyboard), मानिटर (Monitor), सीपीयू (CPU) आदि के बीच कभी भी सम्बंध स्थापित नहीं कर पायेगा। आपरेटिंग सिस्टम किसी कम्प्यूटर प्रयोग करने वाले को इस जहमत से बचाता है कि वह कम्यूटर के समस्त भागो की जानकारी रखे।
आपरेटिंग सिस्टम के कार्य


आपरेटिंग सिस्टम अनेक प्रकार के उपयोगी कार्य करता है जिनमें से कुछ प्रमुख कार्य नीचे दिये जा रहे हैं:



  • फाइल पद्धति (File System) - फाइल बनाना, मिटाना तथा फाइलों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना और फाइल निर्देशिका को व्यवस्थित करना।

  • प्रक्रिया (Processing) - कार्यक्रमों (Programs) और आँकडों (Data) को मेमोरी मे बाँटना, प्रक्रिया (Process) को आरम्भ करके समुचित रूप से चलाना।

  • इनपुट/आउटपुट (input/output) - सीपीयू और मानिटर (Monitor), प्रिंटर (Printer), डिस्क (Disk) आदि के बीच मध्यस्थता करना।








कम्प्यूटर क्या होता है

कम्प्यूटर क्या होता है (What is Computer )

सारांश में उपलब्ध जानकारियों को छाँटने, क्रियान्वित करने तथा सुरक्षित रखने के इलेक्ट्रानिक विधि को ही कम्प्यूटर कहा जाता है। (Computers are essentially an Electronic way to sort, process and store information.)

कम्प्यूटर के मुख्य रूप से चार घटक (Components) हैं -

  • हार्डवेयर (Hardware)
  • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
  • एप्लीकेशन प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर (Application Programs or Software)
  • यूजर्स (Users)
  • हार्डवेयर (Hardware): कम्प्यूटर के वे घटक होते हैं जिन्हें हम देख और छू सकते हैं। हार्डवेयर के अन्तर्गत सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट - सीपीयू (Central Processing Unit - CPU), फ्लॉपी ड्राइव्ह (Floppy Drive), सीडी रोम ड्राइव्ह (CD ROM Drive), मानीटर (Monitor), कीपैड (Keypad), माउस (Mouse), स्पीकर्स (Speakers) आदि आते हैं।
  • सॉफ्टवेयर (Software): कम्प्यूटर के उन घटकों को कहा जाता है जिन्हें हम देख-छू नहीं सकते किन्तु उनकी सहायता से कम्प्यूटर के द्वारा वांछित परिणाम प्राप्त कर लेते हैं। ये निर्देशों के समुच्चय होते हैं जिनके द्वारा कम्प्यूटर एक या एक से अधिक कार्यों को सम्पन्न करता है। (A set of instructions that cause a computer to perform one or more tasks)
  • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System): कम्प्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर रिसोर्सेस जैसे-मैमोरी, प्रोसेसर तथा इनपुट-आउटपुट डिवाइसेस को व्यवस्थित करने के लिये बनाये गये सॉफ्टवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम कहते है। विस्तृत जानकारी के लिये देखें सॉफ्टवेयर (Software)
  • एप्लीकेशन प्रोग्राम (Application Programs): उन सॉफ्टवेयरस् को एप्लीकेशन प्रोग्राम कहा जाता है जिनकी सहायता से हम कम्प्यूटर को दिये गये किसी निश्चित आदेश का पालन करवाते हैं, उदाहरण के तौर पर वर्ड प्रोसेसर्स (Word Processers) जैसे कि एमएस आफिस (MS Office), एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर्स (Accounting Softwares) जैसे कि टैली (Tally) आदि।
  • यूजर्स (Users): कम्प्यूटर को प्रयोग करने वाले यूजर्स कहलाते हैं।

अपने कम्प्यूटर को गति प्रदान करें!

अपने कम्प्यूटर को गति प्रदान करें! (Speed-up your Computer!)

क्या आपके कम्प्यूटर (Computer) की गति धीमी हो गई है और वह किसी फाइल या वेबसाइट को खोलने में देर लगाता है? घबराने की कोई बात नहीं है, यहाँ दिये गये कुछ आसान मार्गदर्शन की सहायता से आप अपने कम्प्यूटर की गति बढ़ा सकते हैं।

कम्प्यूटर की गति के धीमी होने के अनेक कारणों में से एक मुख्य कारण होता है डिस्क स्पेस (Disck space) का कम होना। आप डिस्क क्लीनअप टूल (Disk Cleanup Tool) की सहायता से अपने हार्ड डिस्क (Hard Disk) के स्थान में इजाफा कर सकते हैं। डिस्क क्लीनअप टूल का प्रयोग आप निम्न कार्यों के लिये कर सकते हैं:


1..टेम्पररी इन्टरनेट फाइल्स (Temperory Internet Files) को हटाने के लिये

2..डाउनलोड प्रोग्राम फाइल्स (download program files) जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट एक्टिव्हX कंट्रोल्स (Microsoft ActiveX) और जावा एप्लेट्स (Java applets) को हटाने के लिये

3..रीसायकल बिन (Recycle Bin) को खाली करने के लिये

4..विन्डोज टेम्पररी फाइल्स (Windows temporary files) को हटाने के लिये

5..जिन विन्डोज के वैकल्पिक घटकों (optional Windows components) का आप प्रयोग नहीं करते, उन्हें हटाने के लिये

6..इंस्टाल किये गये उन प्रोग्राम्स को हटाने के लिये जो आपके प्रयोग के नहीं हैं

डिस्क क्लीनअप टूल ( Disk Cleanup Tool )

• डिस्क क्लीनअप टूल को खोलने के लिये स्टार्टआल प्रोग्राम्सएसेसरीजसिस्टम टूल्सडिस्क क्लीनअप (StartAll ProgramsAccessoriesSystem ToolDisk Cleanup) का प्रयोग करें।




•ड्राइव्ह्स बॉक्स में यथोचित ड्राइव्ह का चयन करके OK बटन दबा दें।



•जिन फाइलों को हटाना हो उनसे सम्बंधित बॉक्सों को चेक कर के OK बटन दबा दें।

•जब कन्फर्म करने के लिये पूछा जाये तो Yes को क्लिक कर दें।

Note :- कुछ ही मिनट के बाद आपके कम्प्यूटर को साफ करके तथा उसकी गति को बढ़ा कर डिस्क क्लीनअप टूल बन्द हो जायेगा।

Tuesday, November 8, 2011

शीघ्रतापूर्वक प्रोग्राम खोलना

शीघ्रतापूर्वक प्रोग्राम खोलना (Run Commands)

हम सभी चाहते हैं कि एक के बाद एक कई क्लिक करके अपना समय व्यर्थ न गवाएँ और अपने वांछित प्रोग्राम को शीघ्रतापूर्वक खो लें। तो इसके लिये 'रन' (Run) बहुत बढ़िया साधन है। बस आपको कमांड्स याद होने चाहिये।

यहाँ पर हम 'रन' (Run) बॉक्स में टाइप करने के लिये कुछ कमांड्स दे रहे हैं:

रन बॉक्स खोलने के लिये एंटर+आर (Enter+R) कुंजियों को दबायें या स्टार्टरन (StartRun) का चयन करें।







अब खुलने वाले बॉक्स में निम्न कमांड्स टाइप करें

•केलकुलेटर (Calculator) खोलने के लिये टाइप करें - calc

•कैरेक्टरमैप (Character Map) खोलने के लिये टाइप करें - charmap

•कंट्रोल पैनल (Control Panel) खोलने के लिये टाइप करें - control

•फॉन्ट फोल्डर (Fonts Folder) खोलने के लिये टाइप करें - fonts

•कमाण्ड प्राम्प्ट (Command Prompt) खोलने के लिये टाइप करें - cmd

•माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word) खोलने के लिये टाइप करें - winword

•माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) खोलने के लिये टाइप करें - excel

•माइक्रोसॉफ्ट पॉवरपाइंट (Microsoft Powerpoint) खोलने के लिये टाइप करें - powerpnt

•वर्डपैड (Wordpad) खोलने के लिये टाइप करें - write

•माइक्रोसॉफ्ट पेंट (Microsoft Paint) खोलने के लिये टाइप करें – mspaint/Pbrush

•एक्रोबेट (Acrobat) खोलने के लिये टाइप करें - acrobat





डिव्हाइस मैनेजर (Device Manager) खोलने के लिये टाइप करें - devmgmt.msc

डिस्क डिफ्रैगमेंट (Disk Defragment) खोलने के लिये टाइप करें - dfrg.msc

डिस्क क्लीनअप (Disk Cleanup) खोलने के लिये टाइप करें - cleanmgr

चेक डिस्क (Check Disk) खोलने के लिये टाइप करें - chkdsk

डिस्प्ले प्रापर्टीज़ (Display Properties) खोलने के लिये टाइप करें - desk.cpl

आन स्क्रीन कीबोर्ड (On Screen Keyboard) खोलने के लिये टाइप करें - osk

एड रिमूव्ह प्रोग्राम (Add/Remove Programs) खोलने के लिये टाइप करें - appwiz.cpl

इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer) खोलने के लिये टाइप करें - iexplore

फ्रीसेल कॉर्ड गेम (Free Cell Card Game) खोलने के लिये टाइप करें - freecell

हार्ट्स कॉर्ड गेम (Hearts Card Game) खोलने के लिये टाइप करें - mshearts

माइनस्वीपर गेम (Minesweeper Game) खोलने के लिये टाइप करें - winmine

पिनबाल गेम (Pinball Game) खोलने के लिये टाइप करें - pinball

पीसी के रख-रखाव के लिये ध्यान देने योग्य बातें!

पीसी के रख-रखाव के लिये ध्यान देने योग्य बातें! (Maintain your PC!)

अधिकतर लोग कम्प्यूटर खरीद तो लेते हैं किन्तु उसके रख-रखाव के लिये कभी भी ध्यान नहीं देते। यहाँ पर हम कुछ उन छोटी छोटी बातों का उल्लेख करेंगे जिससे आपका पीसी हमेशा टिप-टॉप बना रहे।

•वैसे तो कम्प्यूटर के लिये यूपीएस (UPS - Uninterrupted Power Supply) का इस्तेमाल करना ही चाहिये किन्तु यदि आपके क्षेत्र में अक्सर बिजली चली जाती है तो आप अपने कम्प्यूटर के लिये यूपीएस को अत्यावश्यक ही समझें।

•हम अपने कम्प्यूटर के कैबिनेट, मॉनीटर, कीबोर्ड, माउस की सफाई तो प्रायः करते हैं किन्तु पीसी को ठंडा रखने वाले पंखे (cooling fans) की सफाई की ओर हमारा ध्यान जाता ही नहीं है जबकि यह सबसे अधिक आवश्यक कार्य है। यदि धूल, गंदगी आदि के कारण से पंखा चलना बंद हो गया तो आपके कम्प्यूटर के पॉवर सप्लाय, ग्राफिक्स कॉर्ड, सीपीयू (CPU - Central Processing Unit) को भारी क्षति पहुँचने का अंदेशा रहता है। इसलिये यदि आप अपने पीसी के पंखे की सफाई यदि स्वयं करना नहीं जानते तो समय समय पर (कम से कम तीन माह में एक बार) अपने सर्विस प्रोव्हाइडर से पंखे की सफाई करवाते रहिये।

•अपने हार्डवेयर्स के लिये सही और नवीनतम ड्रायव्हर्स का ही प्रयोग करें। ड्रायव्हर्स के अपडेट हार्डवेयर बनाने वाली कंपनी के वेबसाइट में मुफ्त में उपलब्ध होता है।

•अपने कम्प्यूटर को हमेशा सही अर्थिंग दें, दो पिन वाले प्लग प्रयोग न करें बल्कि अर्थिंग वाले तीन पिन वाले प्लग का ही प्रयोग करें। आवश्यक हो तो अपने इलैक्ट्रिशियन से चेक करवा लें कि सही अर्थिंग मिल रहा है या नहीं।

इंटरनेट एक्सप्लोरर की शॉर्ट कट

विंडोज मीडिया प्लेयर की शॉर्ट कट

विंडोज मीडिया प्लेयर की शॉर्ट कट ( Short cut of Windows Media Player )


कम्प्यूटर स्टार्ट होने में बहुत समय लगता है

कम्प्यूटर स्टार्ट होने में बहुत समय लगता है (Computer take much time to start)

प्रायः जब आप अपना कम्प्यूटर स्टार्ट करते हैं तो डेस्कटॉप तो जल्दी से आ जाता है किन्तु बहुत देर तक माउस एरो में डमरू का चिह्न बना रहता है और वांछित प्रोग्राम को खोलने पर उसके खुलने में बहुत समय लगता है और इस अनावश्यक देरी के कारण आप खीझते हुये बैठे

वास्तव में इस समस्या का कारण आपका स्टार्ट-अप है। होता यह है कि आपके स्टार्ट-अप में बहुत सारे प्रोग्राम्स जुड़ गये रहते हैं और जब तक आपका कम्प्यूटर उन सारे प्रोग्राम्स को भीतर ही भीतर खोल नहीं लेता तब तक स्टार्ट ही नहीं होता। शायद आपको पता हो कि जब कभी भी आप अपने कम्प्यूटर में कोई नया प्रोग्राम डालते हैं तो प्रायः वह स्वतः ही स्वयं को स्टार्ट-अप में जोड़ लेता है।




इस समस्या को सुलझाना बहुत सरल है। सिर्फ नीचे बताये अनुसार कदम उठायें और समस्या से मुक्ति पायें:

1..स्टार्ट (start) बटन को क्लिक करके रन (run) को क्लिक करें तथा खुलने वाले रन बॉक्स में "Msconfig" (बिना कोट्स के) टाइप कर दें -




•अब खुलने वाले सिस्टम कॉन्फिगरेशन यूटिलिटी (System Configuration Utility) के स्टार्ट-अप (Start-up) टैब को क्लिक करें तथा अवांछित प्रोग्राम्स को अनचेक (Uncheck) करें और कम्प्यूटर को रीस्टार्ट कर दें।



•बस हो गया आपके समस्या का समाधान! रीस्टार्ट होने पर आपका कम्प्यूटर स्टार्ट होने के लिये देर नहीं लगायेगा।

कम्प्यूटर का सही रखरखाव

कम्प्यूटर का सही रखरखाव (Proper Maintenance of Computer)

किसी भी प्रकार की कम्प्यूटर समस्या को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है कम्प्यूटर का सही रख रखाव। कम्प्यूटर के सही रख-रखाव के लिये निम्न बातें आवश्यक हैं:


1.. इस बात का सदैव ध्यान रखना चाहिये कि कूलिंग फैन (cooling fan) ठीक-ठीक काम कर रहा है। याद रखें कि कूलिंग फैन बंद हो जाने से कम्प्यूटर को बहुत अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

2..माह में एक बार CPU के कैबिनेट को खोलकर भीतर जमे हुये धूल धक्कड़ की सफाई करनी चाहिये।

3..CD-Rom को कभी भी हाथ से ठेलकर बंद नहीं करना चाहिये बल्कि उसके लिये प्रयुक्त होने वाले बटन का ही प्रयोग करना चाहिये।

4..अपने कम्प्यूटर के हार्डवेयर ड्राइवर्स (Hardware Drivers) को समय‍-समय पर अपडेट करते रहना चाहिये।

5..अपने कम्प्यूटर को सही अर्थिंग देनी चाहिये। दो प्लग पिन वाले प्लग का प्रयोग न करके सदैव तीन पिनों वाले प्लग का प्रयोग करना चाहिये।

6..जहाँ तक हो सके बिजली कड़कने के साथ तेज बारिश वाले मौसम में कम्प्यूटर को बंद रखना चाहिये।

कम्प्यूटर धीमा हो गया है

कम्प्यूटर धीमा हो गया है ( Computer has become slow )

आपने महसूस किया होगा कि आपका कम्प्यूटर, जो कि पहले तेज चला करता था, अब अपेक्षाकृत धीमा हो गया है। आइये जानने की कोशिश करें कि आखिर आपका कम्प्यूटर क्यों धीमा हुआ है। कम्प्यूटर के धीमा होने के अनेकों कारण हो सकते हैं। यहाँ पर हम उन मुख्य मुख्य कारणों की सूची बनायेंगे जिनके कारण कम्प्यूटर की गति धीमी हो जाती है। पर चिंता की बात नहीं है क्योंकि कम्प्यूटर की गति को पुनः तेज करने के भी कई उपाय हैं।



आपके कम्प्यूटर के गति धीमी होने के निम्न मुख्य कारण हो सकते हैं:


•कम्प्यूटर के फाइल्स का प्रेगमेन्टेशन (Fragmentation) हो जाने के कारण कम्प्यूटर धीमी गति से चलता है। फाइल्स को पुनः डिफ्रेगमेन्टेड करने के लिये कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को डिस्क डिफ्रेगमेन्टर (disk defragmenter) चला के डिफ्रेगमेन्ट करें।


•कम्प्यूटर की गति धीमी होने का एक कारण स्टार्ट-अप में बहुत सारे प्रोग्राम्स का होना भी है। अतः कम्प्यूटर की गति तेज करने के लिये अवांछित प्रोग्राम्स को स्टार्ट-अप से हटायें।


•विन्डोज के सही तरीके से बंद (close) नहीं होने के कारण तथा और भी अन्य कारणों से सिस्टम फाइल्स खराब (damage) हो जाते हैं। उन्हें सुधारने के लिये अपने कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को स्कैनडिस्क (scandisk) चला के स्कैन करें।


•कम्प्यूटर में आवश्यकता से अधिक प्रोग्राम्स इन्सटाल (instal) होने के कारण भी कम्प्यूटर की गति धीमी हो जाती है। अतः अपने कम्प्यूटर से अवांछित प्रोग्राम्स को अनइंस्टाल (Uninstal) करें।

अपने कम्प्यूटर को डिफ्रैग करें

अपने कम्प्यूटर को डिफ्रैग करें (Defrag your computer)

कम्प्यूटर (Computer) के लगातार उपयोग करते रहने से उसके भीतर के फाइल्स फ्रैगमेन्टेड (Fragmented) होते रहते हैं और परिणामस्वरूप कम्प्यूटर की गति धीमी होती जाती है। अतः कम्प्यूटर की गति को पुनः तेज करने के लिये एक निश्चित अन्तराल में कम्प्यूटर को डिफ्रैग (Defrag) करते रहना चाहिये।

कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को डिफ्रैग (Defrag) करने के लिये विन्डोज डिस्क डिफ्रैगमेन्टर (Disk Defragmenter) टूल प्रदान करता है। कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को डिफ्रैग करना बहुत आसान है। हम यहाँ पर आपको बतायेंगे कि डिस्क डिफ्रैगमेन्टर का प्रयोग कैसे किया जाता है।


•डिस्क डिफ्रैगमेन्टर का प्रयोग करने के लिये स्टार्ट/आल प्रोग्राम्स/एसेसरीज/सिस्टम टूल्स/डिस्क डिफ्रैगमेन्टर को क्लिक करें।

कम्प्यूटर के हार्डडिस्क को स्कैन करें

विन्डोज के सही प्रकार से बंद नहीं होने तथा अन्य कई कारणों से सिस्टम फाइल्स (System Files) डेमेज हो जाते है। समय-समय पर इन डेमेज्ड सिस्टम फाइल्स (Damage system files) को सुधारना अति आवश्यक है क्योंकि इनके कारण कम्प्यूटर की गति धीमी हो जाती है।

कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को स्कैन (Scan) करने के लिये विन्डोज स्कैनडिस्क (Scandisk) टूल प्रदान करता है। कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क्स को स्कैन करना बहुत आसान है। हम यहाँ पर आपको बतायेंगे कि स्कैनडिस्क का प्रयोग कैसे किया जाता है।

Open the Scandisk

Going to Start/All Programs/Accessories/System Tools/Scandisk।


• हार्डडिस्क को स्कैन करने के लिये स्टार्टरन को क्लिक करके रन बाक्स को खोलें और उसमें "sfc/scannow" (बगैर कोट्स के) टाईप कर दें तथा ओके को क्लिक कर दें।
• बस इतने से ही स्कैनिंग शुरू हो जायेगा। ( By Mr. Shahid Mirza )

विन्डोज एक्स पी कैसे इंस्टाल करे |
































Monday, November 7, 2011

Failed in any class, pass 10th /12th










ईमेल क्या है

1.इलेक्ट्रॉनिक मेल: (कंप्यूटर साइंस) दुनिया चौड़ा इलेक्ट्रॉनिक संचार की एक प्रणाली है जिसमें एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता एक संदेश रचना कर सकते हैं ...

2. एक व्यक्ति से दूसरे कंप्यूटर या टर्मिनल के बीच दूरसंचार लिंक के माध्यम से संदेश भेजने के लिए एक प्रणाली है. 2. एक ई - मेल द्वारा भेजे गए संदेश भेजें: ...

3. . कुछ इलेक्ट्रॉनिक मेल सिस्टम एक ही कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क तक ही सीमित हैं, लेकिन दूसरों को अन्य कंप्यूटर सिस्टम के लिए प्रवेश द्वार है, उपयोगकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक मेल भेजने के लिए दुनिया में कहीं भी सक्षम है. कंपनियों है कि पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत कर रहे हैं ई - मेल के व्यापक उपयोग करते हैं क्योंकि यह तेजी से लचीला है, और विश्वसनीय है.

1. Electronic Mail
2. Send Receive written messages over internet

मेल के 2 प्रकार के होते हैं

1. traditional mail ( पारंपरिक मेल )
2. Electronic Mail ( इलेक्ट्रॉनिक मेल )




What is Email Address ( ईमेल पता क्या यह )

एक ईमेल मेलबॉक्स जो ईमेल संदेशों को दिया जा सकता है की पहचान है .

1. Username (उपयोगकर्ता )

एक उपयोगकर्ता नाम एक नाम है कि विशिष्ट एक कंप्यूटर सिस्टम पर किसी को पहचानता है. उदाहरण के लिए, एक कंप्यूटर एकाधिक खातों के साथ सेटअप प्रत्येक खाते के लिए भिन्न उपयोक्तानामों के साथ हो सकता आप अपने बैंकिंग की जानकारी तक पहुँचने के लिए एक उपयोगकर्ता नाम चुनने के लिए अनुमती दे सकते हैं एक उपयोक्तानाम लगभग हमेशा एक पासवर्ड के साथ बनती है. यह उपयोक्तानाम / शब्दकूट संयोजन एक लॉगिन के रूप में संदर्भित किया जाता है, और उपयोगकर्ताओं के लिए वेबसाइटों के लिए में लॉग इन करने के लिए अक्सर आवश्यक है. वेब के माध्यम से अपने ई - मेल का उपयोग करने के लिए, उदाहरण के लिए, आप अपने यूज़रनेम और पासवर्ड दर्ज करने के लिए आवश्यक हैं. एक बार तुम में लॉग इन किया है, अपने उपयोगकर्ता नाम स्क्रीन पर दिखाई देते हैं, लेकिन अपना पासवर्ड गुप्त रखा है. अपने पासवर्ड को निजी रखकर, लोगों को विभिन्न वेबसाइटों के लिए सुरक्षित खातों बना सकते हैं. अधिकांश उपयोगकर्तानामों अक्षरों और संख्याओं, लेकिन कोई रिक्त स्थान शामिल कर सकते हैं. जब आप एक ई - मेल खाते के लिए एक उपयोगकर्ता नाम का चयन, "@" से पहले भाग के आपके उपयोगकर्ता नाम है.

2. What is the @

मेल पते के बीच में, "एक" के लिए शब्द के लिए खोज रहे हैं? यहाँ कैसे कहने के लिए किसी भी भाषा में "@" की एक सूची है. jovial_institute@yahoo.com

3. Domain

एक डोमेन नाम के एक संगठन या इंटरनेट पर अन्य संस्था रेखांकित किया गया.उदाहरण के लिए, डोमेन नाम

डोमेन नाम के लिए एक या अधिक IP पते की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है. उदाहरण के लिए, डोमेन नाम microsoft.com के बारे में एक दर्जन आईपी पते का प्रतिनिधित्व करता है. यूआरएल में डोमेन नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं विशेष वेब पेज की पहचान. उदाहरण के लिए, यूआरएल http://www.pcwebopedia.com/index.html में, डोमेन नाम pcwebopedia.com है.

• Gov - सरकारी एजेंसियों
• Edu - शैक्षिक संस्थानों
• Org - संगठन (nonprofit)
• Mil - सैन्य
• Com - वाणिज्यिक कारोबार
• Net - नेटवर्क संगठनों
• Ca - कनाडा
• Th - थाईलैंड

क्योंकि इंटरनेट आईपी पते, डोमेन नाम नहीं पर आधारित है, हर वेब सर्वर एक डोमेन नाम सिस्टम (DNS) सर्वर से आईपी पते में डोमेन नाम का अनुवाद की आवश्यकता है.




POP3 (पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल 3)

ई - मेल प्राप्त करने के लिए एक मानक प्रोटोकॉल का नवीनतम संस्करण है. POP3 जिसमें ई - मेल प्राप्त होता है और आप के लिए अपने इंटरनेट सर्वर द्वारा आयोजित एक क्लाइंट / सर्वर प्रोटोकॉल है. समय समय पर, आप (या अपने ग्राहक ई - मेल रिसीवर) सर्वर पर आपके मेल बॉक्स की जाँच करें और किसी भी मेल डाउनलोड करने के लिए, शायद POP3 का उपयोग. यह मानक प्रोटोकॉल यूडोरा और आउटलुक एक्सप्रेस जैसे ई - मेल सबसे लोकप्रिय उत्पादों, में बनाया गया है. यह है

SMTP (सिम्पल मेल स्थानांतरण प्रोटोकॉल) है

यह इंटरनेट पर इलेक्ट्रॉनिक मेल को स्थानांतरित करने के लिए सबसे लोकप्रिय प्रोटोकॉल है. SMTP काफी मजबूत है, लेकिन प्रेषक या प्राप्तकर्ता के प्रमाणीकरण के लिए कोई सुविधाएं प्रदान करता है, एन्क्रिप्शन के लिए, या गैर-ASCII डेटा को संलग्न करने के लिए.
SMTP के लिए एक्सटेंशन उपरोक्त सुविधाओं के प्रत्येक के लिए अनुमति देते हैं, तथापि:




विन्डोज एक्स पी टिप्स एवं ट्रिक्स

माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज एक्स पी में एक से अधिक फाईल का एक साथ नाम बदल सकते हैं

इसे निम्न विधि द्वारा आसानी से कर सकते हैं.

1. सबसे पहले वह डायरेक्ट्री खोलिये जिसकी फाइलों का नाम आप बदलना चाहते है.
2. कन्ट्रोल बटन को दबाए रखे और उन फाइलों को एक एक करके सिलेक्ट कीजिए जिनका नाम आप बदलना चाहते हैं.
3. सिलेक्ट की हुई किसी एक फाईल पर माउस का राईट बटन दबाईये.
4. आपके सामने एक मेनु खुलेगा. इसमें से 'Rename' बटन पर क्लिक कीजिये.
5. वह नाम टाइप कीजिये जो आप चाहते है जैसे (xyz)
6. फाईल के बीच में व्हाईट स्पेस पर क्लिक कीजिए. सभी सिलेक्ट की हुई फाईल का नाम स्वत: ही बदल जायेगा


जैसे xyz(1) , xyz(2), xyz(3).............xyz(10).

वाई फाई क्या होता है?

Wi-Fi ( wireless fidelity )

वाई फाई (वायरलेस फिडेलिटि) एक वायरलेस नेटवर्किंग सुविधा है, इसका एक सीमित क्षेत्र होता है जिसमें हम अपना पीसी या लेपटॉप बिना इंटरनेट केबल कनेक्शन के नेट से जोड़ सकते हैं. जैसे एयरपोर्ट पर अपना लेपटॉप ऑन करते है तो नेट से लेपटॉप पीसी अपने आप कनेक्ट हो जाता है इसमें बिना किसी इंटरनेट केबल के आप नेट से कनेक्ट होकर ईमेल, चेटिंग तथा सर्फिंग कर सकते है. भारत में धीरे धीरे वाई फाई सुविधा का क्षेत्र बढ़ता जा रहा है.

स्वयं बनाईये स्क्रीन सेवर........! विन्डोज एक्सपी में

अब आप अपने पसंदीदा फोटो को अपने कम्प्यूटर स्क्रीन पर चलते फिरते (animate) देख पायेंगे.


विन्डोज एक्सपी द्वारा आप अपने पसंदीदा फोटो का स्क्रीन सेवर ट्रांजिशन इफेक्ट के साथ बना सकते है, बिल्कुल ऐसे ही जैसे पॉवरपॉईंट में स्लाईड शो प्रजेंटेशन बनाया जाता है. जिसको बनाना एकदम आसान है. कुछ ही चरणों में आप यह स्क्रीनसेवर बना सकते है -


1. अपने डेस्कटॉप स्क्रीन पर माउस का राईट बटन दबाईये. एक पॉपअप मेनु खुलेगा.
2. उसमें से आप 'Properties' ऑप्शन पर क्लिक करे.
3. 'Display Properties' डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होगा उसमें से आप 'Screen Saver' टेब पर क्लिक करें.




4. स्क्रीन सेवर के 'ड्राप डाउन लिस्ट बॉक्स' में से 'My Pictures Slide Show' को चुनें.

5. 'Settings' बटन पर क्लिक करके आप स्लाइड शो को अपनी इच्छा द्वारा बदल सकते है. जैसे पिक्चर की
साईज़, दो पिक्चर्स के बीच का समय अंतराल आदि सेट कर सकते है.



6. 'Browse' बटन पर क्लिक करें और अपनी फोटो डायरेक्ट्री चुने जिसमें आपने अपने फोटो सहेज रखे हैं ,
'OK' बटन प्रेस करें.

आपका पसंदीदा स्क्रीन सेवर तैयार है.

Sunday, November 6, 2011

क्या आप लोगिन पासवर्ड भूल गए

जब लोगिन स्क्रीन आती है तब ctrl+alt+del को दो बार दबाओं

फिर एक नई स्क्रीन आयगी इसमें टाइप करो

user name adminstrator

pass word नहीं डालना है आपका कम हो जायेगा

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